● जहाँ आज एक ओर बहुत से लोग मोटापे (Obesity) से परेशान हैं वही दूसरी ओर बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो दुबलेपन (slimness) या वजन कम होने की समस्या से जूझ रहे हैं l
● वजन ज्यादा या कम होना दोनों ही अनेक स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का कारण बनता है l जिस तरह weight कम करना मुश्किल कार्य है वैसे ही नेचुरल तरीके से संतुलित वजन बढ़ाना भी चुनोती पूर्ण कार्य है l बहुत से लोग बाजारू products खरीदकर इंस्टैंट कॉफी की तरह तुरंत weight gain करना चाहते हैं जो की भविष्य में उनके लिए अनेक health related issues खड़े कर देता है इसलिए जब भी वजन बढ़ाने का कार्यक्रम शुरू करें तो संतुलित खान पान एवं रहन सहन पर विशेष ध्यान दें l यदि जरूरत हो तो चिकित्सक की राय ले सकते हैं l
》कौन है Underweight ?
आयुर्वेद के अनुसार जिस व्यक्ति के शरीर पर शिराओं का जाल दिखाई देता है, अंगुलियों के जोड़े मोटे हो जाते है, शरीर पर हड्डियां ही दिखाई देती है, मांस पेशियों का क्षय हो जाता है l काम करने पर बहुत जल्दी थकान हो जाती है वह व्यक्ति दुबला या Underweight है l
● आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अनुसार वजन कम है या ज्यादा इसका पता करने के लिए BMI ( Body Mass Index ) का प्रयोग किया जाता है l इसके अनुसार उम्र व लम्बाई के अनुपात में वजन का आकलन किया जाता है l
☆ BMI = Weight in kilograms / (Height in meters) 2
आप अपना Body Mass Index (BMI) पता कर लें. और देखें कि यह किस category में है:
18.5 से कम – Underweight
18.5 से 25 – Normal Weight
25 से 29.9 – Overweight
30 से ज्यादा – Obese (अत्यधिक वज़नी)
BMI Calculator के ज़रिये अपना BMI जानने के लिए यहाँ क्लिक करें .
》दुबलेपन के कारण / Reasons for being underweight :-
खुराक कम लेना
समय पर खाना नहीं खाना
उपवास ज्यादा करना
पौष्टिक आहार नहीं लेना
आनुवंशिकता
● शारीरिक श्रम के अनुपात में संतुलित भोजन ना लेना
टीबी ( T.B.), Hyperthyroid, Cancer (कैंसर), Anaemia (रक्ताल्पता) जैसी बीमारियो में weight loss हो जाता है ।
● खाने के प्रति अरुचि (Anorexia), अजीर्ण ( Indigestion), जीर्ण अतिसार ( Chronic Diarrhoea ),संग्रहणी ( IBS-irritable bowel syndrome ) जैसी बीमारियाँ भी लगातार बने रहने पर वजन कम हो जाता है।
》कैसे बढायें अपना वजन / How to Gain or Increase Weight :-
1) पर्याप्त आहार ( Rich Diet ) लें –
खाने पीने के समय को मिस न करें, सुबह heavy breakfast के अलावा, lunch व dinner समय पर करें। नाश्ते, लंच व डिनर के बीच बीच में हैल्दी स्नैक्स जरूर लें l जैसे फल, ज्यूस, भुने हुए चने,ड्राई फ्रूट्स ले सकते हैं ।
2) पौष्टिक खान पान ( Healthy Diet ) लें –
खान पान में घी, मक्खन, फल, हरी सब्जियां , दूध, दही, ज्यूस, गुड़, ड्राई फ्रूट्स, सलाद आदि शामिल करें । इससे शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है । इनके लगातार सेवन से दुबलापन दूर होकर शरीर का वजन बढ़ने लगता है, शरीर में चुस्ती फुर्ती आती है, त्वचा चमकदार हो जाती है l चेहरे पर रंगत आने लगती है, आत्मविश्वास बढ़ जाता है l शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है ।
☆शरीर का वजन बढ़ाने के लिए नीचे बताये गए पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपनी diet में अवश्य include करें –
A) दूध ( Milk ) :-
दूध वसा, कैल्शियम व विटामिन का बहुत अच्छा श्रोत है । वजन बढ़ाने के लिए दूध सर्वोत्तम आहार है इसके लिए दूध के साथ केले व आम का शेक बनाकर पी सकते हैं l इसके साथ किशमिश व बादाम मिलाकर पीना वजन बढ़ाने के लिए सोने पे सुहागे वाली बात हो जाती है l
B) फल ( Fruits ) –
वजन बढ़ाने के लिए केला, आम, पपीता, खरबूजा, तरबूज, अनार, सेब जैसे फल बहुत लाभदायक माने गए हैं, ये सभी एनर्जी, विटामिन, खनिज लवण व पोषक तत्वों का भंडार हैं। उपर बताये अनुसार दूध के साथ केले व आम का शेक बनाकर पीना, खाना खाने के बाद 1-1 पका केला खाना, दो भोजन के बीच में सेब, अनार व मौसमी गाजर, टमाटर, मौसमी, संतरा व अनार का ज्यूस शरीर की कमजोरी व दुर्बलता को मिटाने के लिए बहुत प्रभावी हैं l
C) घी, मक्खन, पनीर, दही आदि –
शरीर के weight को increase करने में वसा का भी महत्वपूर्ण रोल होता है । उचित मात्रा में इन डेयरी उत्पादों का सेवन करना बहुत उपयोगी है l ये डेयरी उत्पाद वसा, कैल्शियम व विटामिन का महत्वपूर्ण श्रोत हैं l
D) ड्राई फ्रूट्स ( Dry Fruits ) :-
बादाम, किशमिश, अंजीर, काजू, पिस्ता, मूंगफली ये सभी उत्तम वसा,कार्बो हाइड्रेट एवं पोषक तत्वों का भंडार हैं । इनका उचित रूप में सेवन ना केवल शरीर का वजन बढ़ने में सहायक है बल्कि शरीर को चुस्ती व फुर्ती से भर देता है एवं इम्युनिटी पावर बढाता है l
E) अंडे ( Non vegetarian Diet ) एवं दालें आदि – अंडे प्रोटीन का बहुत अच्छे स्रोत हैंl मांस पेशियों का निर्माण करने, शरीर की कोशिकाओ की टूट फूट की मरम्मत करने के लिए बहुत उपयोगी हैं किन्तु मांसाहार का ज्यादा सेवन कोलेस्ट्रोल को बढ़ा देता है जिससे ह्रदय रोग, उच्चरक्तचाप, धमनी काठिन्यता आदि रोगों की सम्भावना बढ़ जाती है इनके विकल्प के रूप में दालें, सोयाबीन, राजमा, पनीर एवं डेयरी उत्पाद प्रयोग करना शाकाहारी लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं l जो की प्रोटीन के साथ साथ अन्य पोषक तत्वों का भंडार हैं l
》वजन बढ़ाने के लिए जीवन शैली / Lifestyle to gain weight :-
1) पर्याप्त व गहरी नींद लें (Good Sleep)–
शरीर में पुरानी कोशिकाओं की मरम्मत एवं नई कोशिकाओं के निर्माण के लिए गहरी एवं समुचित नींद लेना बहुत जरुरी है अच्छी नींद से शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है l इसलिए रात्रि में समय पर सो जायें एवं सूर्योदय से पूर्व उठ जायें ताकि प्रकृति की अनमोल छठा का आनंद ले सकें l यदि रात में नींद पूरी ना हो तो दिन में कुछ देर विश्राम कर सकते हैं l
2) हल्का फुल्का व्यायाम करें ( Yoga, exercise etc )- शरीर में ली गई अतिरिक्त कैलोरी का वितरण सही हो,अंग प्रत्यंगों के अनुपात में सही वजन बढ़े, केवल पेट आदि पर चर्बी न बढ़ जाये,इसलिए सुबह शाम घूमना, बैडमिंटन, खेलना, साइक्लिंग,योगा,प्राणायाम आदि अच्छे उपाय माने जाते हैं l इससे कोलेस्ट्रोल भी सही रहता है तथा शरीर की मांसपेशियों सही ढंग से विकसित होती हैं l कुछ लोग जिम जाना पसंद करते हैं इसके लिए gym instructor के निर्देशो का पालन करें किन्तु कभी भी तुरंत सेहत बनाने की हड़बड़ी में ऊल जलूल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें ।
3) नित्य मालिश करें ( Massage ) –
मालिश से शरीर में खून का दौरा बढ़ जाता है l जिससे शरीर के प्रत्येक हिस्से तक खून की आपूर्ति अच्छे ढंग से हो जाती है । त्वचा कोमल एवं चमकदार हो जाती है मांसपेशियों को पोषण मिलता है जिससे शरीर की अच्छी ग्रोथ होती है । मालिश के लिए आयुर्वेद में बताये गए क्षीर बला तेल, बला तेल, बादाम तेल, नारियल तेल ,सरसों तेल उपयोगी है l इनका मौसम के अनुसार चयन करें ।
4) तनाव से बचें ( No Stress ) :-
कहते हैं चिंता चिता से बढ़कर होती है चिता फिर भी मरने के बाद जलाती है किन्तु चिंता तो जीते जी शरीर को जला देती है । इसलिए यदि आप सेहत बनाना चाहते हैं तो चिंता, तनाव, टेंशन को अपने से दूर ही रखें l
5) बीमारियों का करें निदान ( Aware of Disease )- यदि आप लगातार पौष्टिक भोजन का सेवन कर रहे हैं , दिनचर्या का भी नियमित पालन कर रहे हैं फिर भी वजन नहीं बढ़ रहा है बल्कि और गिरता जा रहा है तो आप किसी बीमारी से ग्रसित हो सकते है इसलिए वजन बढ़ाने के किसी भी कार्यक्रम को शुरू करने से पहले डॉक्टर से अवश्य सम्पर्क करें l
》 वजन बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय / Ayurvedic Ways To Gain Weight :-
● आयुर्वेद के उपाय अपनाएं ( Apply Ayurvedic Methods) :-
आयुर्वेद के अति प्राचीन व शीर्षस्थ ग्रन्थ चरक संहिता में हजारों वर्ष पहले सेहत बनाने का जो मूल मंत्र बताया गया है वह आज भी उतना ही महत्पूर्ण है इसमें कहा गया है की पौष्टिक खान पान, चिंता न करने एवं रोज पर्याप्त एवं गहरी नींद लेने से व्यक्ति सिंह के समान ताकतवर, बल शाली एवं पुष्ट शरीर वाला बन जाता है l यह बात आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के बहुत प्रगति कर लेने के बावजूद आज भी उतनी ही सही है जितनी हजारों वर्ष पहले थी l
● वजन बढाने में अति उपयोगी आयुर्वेद की कुछ महत्पूर्ण
औषधियां ( Ayurvedic Medicines ) :-
आयुर्वेद की कई औषधियां वजन बढ़ाने में बहुत फायदेमंद हैं वो ये हैं- च्यवनप्राश, अश्वगंधा, शतावरी, मूसली, आमलकी, बला, विहारी कंद, शिलाजीत,बादाम पाक,मूसली पाक,पुनर्नवा मंडूर,स्वर्ण भस्म,लौह भस्म ,बसंत कुसुमाकर रस,स्वर्ण बसंत मालती रस आदि l किन्तु इन्हें चिकित्सक की राय से ही सेवन करना चाहिए l
ऊपर बताये गए उपायों के साथ साथ यदि आयुर्वेद में बताई गई ओषधियाँ भी चिकित्सक की राय से ली जायें जो की बिलकुल नेचुरल हैं तो ना सिर्फ संतुलित वजन बढेगा बल्कि चुस्ती फुर्ती, जोश व भरपूर शक्ति मिलेगी,शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ेगी, बीमार पड़ने की सम्भावना कम होगी,आत्म विश्वास बढेगा और सदा स्वस्थ रहते हुए सुखी जीवन का निर्वहन कर पाएंगे l

Categories

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी https://desinushkhe.blogspot.in/ की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।
Powered by Blogger.

Follow by Email