आजकल हर कोई खासकर महिलाएं ‘स्लिम एंड ट्रिम’ दिखना चाहती हैं, साथ ही कमर को छरहरा बनाकर चुस्ती-फुर्ती कायम रखना चाहती हैं। हालांकि गलत खान-पान और परिश्रम-विहीन जीवन-शैली के कारण ऐसा करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में योगासन ही सबसे कारगर उपाय है, जिसमें प्रतिदिन कम समय (औसतन 30 मिनट) देकर हम स्वयं को फिट या छरहरा रख सकते हैं। यहाँ हम पेश कर रहे हैं, कमर को शेप में रखने और शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिये एक काफी आसान और असरदार योगिक क्रिया “कटि-चक्रासन व उससे संबन्धित कटि-चालन क्रिया”। इसे चित्रो से देखकर अच्छी तरह समझने के बाद ही करें; या फिर कम-से कम पहली बार किसी जानकार की निगरानी में करें।
स्टेप-1
सबसे पहले सावधान की मुद्रा में खड़े हो जायें; फिर दोनों होथों को कमर पर रखकर कमर से पीछे की ओर जहाँ तक संभव हो झुक जायें । अब सांस की गति को सामान्य रखकर आंखें बंद कर लें और उस स्थिति में करीब 10 सेकंड रूकने के बाद वापिस सीधे खड़े होने की स्थिति में लौट आ जाये । इस क्रिया का 4-5 बार अभ्यास करें ।
स्टेप-2
अब पुन: सावधान मुद्रा में खडे होकर दायें हाथ को बायें कंधे पर और बायें हाथ को दायें कंधे पर रखकर, पहले दाईं ओर उतना झुकें जितना आसानी से झुक सकते हैं। फिर गर्दन को भी मो़डकर पीछे की ओर देखें । अब सांस की गति सामान्य रखकर आंखें बंद कर लें और 10 सेकंड इसी स्थिति में रूकने के बाद वापस आ जाये । अब इसी तरह बाईं ओर मुडकर करें। 4-5 बार दोनों ओर बारी-बारी से झुक कर इस क्रिया का अभ्यास करें।
स्टेप-3
पुनः सावधान मुद्रा में खड़े होकर फिर हथेलियों को जोड़कर हाथों को ऊपर उठाकर समानांतर रखते हुए सीधा कर लें। सांस लेते हुए कमर को बाईं ओर झुकाये; इसके साथ ही हाथ भी बाईं ओर चले जायेंगे। अधिक से अधिक कमर को झुकाकर वहां रूकें। अब सांस की गति सामान्य रखकर आंखें बंद कर लें और 10 सेकंड इसी पोजिशन में रूकने के बाद वापस आ जायें। 4-5 बार दोनों ओर से इस क्रिया का अभ्यास करें।
स्टेप-4
अब पहले शवासन में लेट जाएँ और दोनों हाथ धड़ से समानांतर रखते हुए फैला लें। अब दायें पैर को बाईं ओर ले जायें और गर्दन को दाईं ओर मोड़कर दाईं ओर देखने लगे। इस दौरान बायां पैर सीधा ही रखें। फिर इसी क्रिया को इसके विपरित दिशा से करें। अर्थात बायें पैर को दाईं ओर ले जाए और गर्दन को बाईं मोड़कर बाईं ओर देखें। 4-5 बार दोनों ओर से इसका अभ्यास करें। अंत में 10 सेकंड से लेकर 1 मिनट तक अपनी आवश्यकतानुसार शवासन करके रिलैक्स हो जाये।
इस क्रिया के विशेष लाभ
यह क्रिया सबसे अधिक कमर व पेट को सही आकार में रखने अर्थात मोटापे से बचाने में सहायक है। यदि कमर पर चर्बी जमा होने लगे, तब तो इस क्रिया को अवश्य करना चाहिए। इसके अलावा यह आंतों, किडनी व लिवर को स्वस्थ्य रखने में भी बहुत उपयोगी है।
  

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